ज़रा सा क्या उतरे तुम्हारे दिल में डूबते चले जा रहे है!
हमदर्दी न करो मुझसे ऐ मेरे हमदर्द दोस्तों
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना
दिल कहता है कि ये तजुर्बा दोबारा कर लूं
वो भी बड़ा हमदर्द था जो दर्द हजारों दे गया l
चाहे पूरी दुनिया भी तुम्हारे खिलाफ हो जाए।”
चाय-शायरी : मुझे चाय, और वो दोनो पसंद हैं..
आपकी आँखों में सजे है जो भी सपने,और दिल में छुपी है जो भी अभिलाषाएं!
हमारे ठाठ देखकर बड़े-बड़े नवाब भी जलते हैं,क्योंकि रॉयल्टी पैसों से नहीं, सोच से आती है।
वर्ना सारे रिश्ते जहां LATEST SHAYARI COLLECTION के बेरंग हो गए l
कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत
और कुछ लोगो की हड्डियां दोस्तो ने सिखाया है ।।
दोस्ती वादा है उम्र भर साथ निभाने का।”